केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि अंतर्देशीय जलमार्ग प्रणाली में देश का विकास करने की बड़ी क्षमता है। सर्बानंद सोनोवाल ने बिहार के सारण जिले में परमानंदपुर के पास कालूघाट में एक समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जलमार्ग एक बहुत ही महत्वपूर्ण संसाधन हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके उपयोग पर बल दिया है। सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि इससे देश में व्यापार और वाणिज्य को प्रोत्साहन मिलेगा।
सर्बानंद सोनोवाल ने राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 पर नवनिर्मित कालूघाट अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन टर्मिनल का आज उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि रेल और सड़क परिवहन की तुलना में कार्गो परिवहन सस्ता और किफायती है। सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से अंतर्देशीय पोत अधिनियम में संशोधन किया गया। इससे अंतर्देशीय जलमार्गों के माध्यम से परिवहन और नौवहन क्षेत्र में क्रांति आई है। सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि 10 साल पहले देश में केवल 5 राष्ट्रीय जलमार्ग और प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से अब इनकी संख्या 111 हो गई है। उन्होंने कहा कि जहाजों का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए नदी की गहराई बढाने के वास्ते ड्रेजिंग और गाद हटाने का काम किया जाएगा।
इससे पहले, सर्बानंद सर्बानंद सोनोवाल ने आज बिहार के सारण जिले में नवनिर्मित कालूघाट अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन टर्मिनल का उद्घाटन किया। इस टर्मिनल का निर्माण 82 करोड 48 लाख रुपये की लागत से किया गया है। कालूघाट अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन टर्मिनल हल्दिया और कोलकाता बंदरगाहों से जहाजों को निर्बाध सम्पर्क प्रदान करेगा। सर्बानंद सोनोवाल ने राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 पर 14 सामुदायिक घाटों का भी लोकार्पण किया। इस पर 17 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत आई है। इसका उद्देश्य डेयरी और कृषि उत्पादों के स्थानीय उत्पादकों को बेहतर सम्पर्क प्रदान करना है। सर्बानंद सोनोवाल ने गंडक नदी पर मंगलपुर और बेतिया में राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-37 पर दो सामुदायिक घाटों का शिलान्यास किया।