गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज सभी अखबार इन्हीं खबरों से सराबोर हैं। अमर उजाला ने इसे गणतंत्र का अमृतकाल बताते हुए लिखा है- अनाज से मोबाइल तक मेक इन इंडिया। राजस्थान पत्रिका ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी के चित्र को एक साथ देते हुए शीर्षक दिया है- मजबूत होते रिश्ते। पत्र ने हवामहल को बैकग्राउंड में देते हुए लिखा है- मैक्रों ने निहारा भारत के पेरिस का हैरिटेज, सडक पर दोस्ती का जोश। नवभारत टाइम्स कहता है- पिंक सिटी में दिखी मोदी-मैक्रों की दोस्ती। दैनिक जागरण की सुर्खी है- सील हुई सीमाएं, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात।
कल हुए पद्म पुरस्कारों की घोषणा सभी अखबारों में है। नवभारत टाइम्स लिखता है- 34 गुमनाम हीरो पद्मश्री, पहली महिला महावत भी। नवभारत टाइम्स की सुर्खी है- नारियल अम्मा से लेडी टार्जन तक, 34 को पद्मश्री पुरस्कार।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का कल राष्ट्र के नाम संबोधन सभी अखबारों की सुर्खी है। राष्ट्रीय सहारा लिखता है- राष्ट्रपति ने भगवान बुद्ध से लेकर महात्मा गांधी के अहिंसा के मार्ग को अपनाने का उल्लेख करते हुए रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को युगांतकारी बताया है।
दैनिक भास्कर ने रिसर्च शीर्षक से लिखा है- 1982 से 2020 के सर्द मौसम का विश्लेषण, उत्तर भारत आईं हवाएं लॉक, इसलिए 38 साल में 509 दिन शीतलहर। राष्ट्रीय सहारा ने उत्तर भारत में जारी शीतलहर पर लिखा है- फिलहाल गलन वाली ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं।
हिन्दुस्तान की खास खबर है- पहली बार हुई जलीय पक्षीयों की गणना में उत्तराखंड में जलीय पक्षीयों की 170 प्रजाति मिलने से वन्य जीव विशेषज्ञ उत्साहित।