भारत और ईरान ने चाबहार बंदरगाह पर दीर्घकालिक सहयोग ढांचा स्थापित करने के बारे में आज व्यापक चर्चा की। ईरान की अपनी सरकारी यात्रा के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ईरान के सड़क और शहरी विकास मंत्री मेहरदाद बजरपाश से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। डॉ. जयशंकर ईरान के दो दिन के दौरे पर हैं।
ईरान के सिस्तान-बलुचिस्तान प्रांत में स्थित चाबहार बंदरगाह भारत और ईरान की एक संयुक्त विकास परियोजना है। इसका उद्देश्य संपर्क और व्यापार संबंधों को बढ़ावा देना है। भारत ने विशेष रूप से अफगानिस्तान के लिए क्षेत्रीय परिवहन केंद्र स्थापित करने के उद्देश्य से चाबहार परियोजना की शुरूआत की थी। इसे क्षेत्रीय व्यापार मजबूत करने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना गया है। इसके अतिरिक्त यह बंदरगाह भारत, ईरान, अफगानिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, रूस, मध्य एशिया और यूरोप को जोड़ने वाले 7200 किलोमीटर लंबे अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-पश्चिम परिवहन गलियारे के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है।
डॉ. जयशंकर दो दिन की यात्रा के दौरान ईरान के विदेश मंत्री डॉ. हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियान के साथ बैठक करेंगे। वे लाल सागर में सुरक्षा स्थिति तथा द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों सहित अनेक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दोनों पक्ष चाबहार बंदरगाह के जरिए क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के उपाय भी तलाश सकते हैं। डॉ. जयशंकर की ये यात्रा, लाल सागर में जहाजों पर हौसी विद्रोहियों के हमलों तथा इस्रायल-हमास युद्ध जैसे वैश्विक संकटों के बीच हो रही है।
