प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ वार्ता की। दोनों नेताओं की वार्ता व्यापक और रचनात्मक रही तथा इसमें नौवहन, व्यापार और निवेश तथा अंतरिक्ष और वित्तीय प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल रहा।
बैठक के बाद विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने संवाददाताओं को बताया कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा, विशेष रूप से हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा की। दोनों देशों के बीच वार्ताएं सीमित और प्रतिनिधिमंडल के स्तर पर हुई तथा द्विपक्षीय सहयोग के विस्तृत क्षेत्रों पर बातचीत की गई। विदेश सचिव ने बताया कि बातचीत में भारत-ओमान द्विपक्षीय रिश्तों के विभिन्न आयाम परिलक्षित हुए। उन्होंने कहा कि भारत-ओमान पश्चिम हिंद महासागर में नौवहन सुरक्षा में सहयोगी हैं। दोनों पक्षों ने रक्षा के क्षेत्र में भी विचार विमर्श किया।
दोनों देशों के बीच वर्ष 2022-23 में साढे बारह अरब डॉलर का व्यापार हुआ है।
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान किया। दोनों ने भविष्य के लिए भारत-ओमान संयुक्त दृष्टिकोण-पत्र भागीदारी को स्वीकार किया। दृष्टिकोण पत्र के अनुसार यह प्रधानमंत्री मोदी के भारत के विकास और ओमान के वर्ष 2040 के दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह दृष्टिकोण पत्र आठ से दस क्षेत्रों में भागीदारी निर्माण पर केंद्रित है। इन क्षेत्रों में नौवहन सहयोग और क्नेक्टिविटी, ऊर्जा सुरक्षा, अंतरिक्ष, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, पर्यटन, आतिथ्य सत्कार, कृषि और खाद्य सुरक्षा शामिल है।
यात्रा से पहले दोनों देशों ने कई सहमति पत्र ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये सूचना और प्रौद्योगिकी, संस्कृति तथा वित्तीय अपराधों से निपटने से संबधित हैं।
विदेश सचिव ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में हुई जी-20 शिखर बैठक में ओमान की विशेष अतिथि के तौर पर सफल भागीदारी थी। इस संदर्भ में ओमान के सुलतान की भारत-यात्रा महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फरवरी 2018 में ओमान की यात्रा पर गये थे।
ओमान के सुलतान कल तीन दिन की भारत यात्रा पर आये हैं। सुलतान के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है जिसमें वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी शामिल हैं। सुलतान का आज सुबह राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया गया। सुलतान हैथम बिन तारिक की यह पहली राजकीय यात्रा है।