पश्चिम मध्य और इससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरबसागर के ऊपर का अति भीषण चक्रवात पिछले छह घंटे में 16 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ गया है। यह यमन के सोकोतरा के लगभग 90 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व, ओमान के सलालाह के चार सौ 60 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और यमन के अलगैदाह के चार सौ 50 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व के इसी क्षेत्र में केन्द्रित था। मौसम विभाग ने बताया कि इसकी मंगलवार को तडके उत्तर-पश्चिम की ओर तथा यमन तट को पार करने की संभावना है। इससे एक सौ पच्चीस से एक सौ 35 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भीषण चक्रवाती तूफान चलने और इसकी गति एक सौ पचास किलोमीटर तक बढने की संभावना है। मछुआरों को मंगलवार तक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम मध्य अरबसागर में नहीं जाने की सलाह दी गयी है। समुद्र में गये मछुआरों को तट पर लौटने की भी सलाह दी गयी है।
मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाडी के पश्चिम मध्य क्षेत्र के ऊपर कम दबाव बनने से पिछले छह घंटे में तूफान 11 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से लगभग उत्तर की ओर बढ गया। यह ओडिसा के पारादीप के लगभग पांच सौ बीस किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, पश्चिम बंगाल में दीघा के छह सौ 80 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और बांग्लादेश में खेपूपाडा के आठ सौ बीस किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम के क्षेत्र में केन्द्रित था।
अगले तीन दिनों में नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, ओडिसा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मछुआरों को 25 अक्टूबर तक पश्चिम मध्य बंगाल की खाडी और इससे सटे पूर्व मध्य तथा दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाडी में कल तक तथा कल से 26 अक्टूबर तक उत्तर बंगाल की खाड़ी और ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों पर नही जाने की सलाह दी गयी है।
