राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के समावेश से लोगों को समग्र स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। राष्ट्रपति ने बिहार यात्रा के दूसरे दिन आज पटना एम्स के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आयुर्वेद, योग, युनानी और सिद्धा जैसी सभी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का समावेश समय की मांग है।
उन्होंने कहा कि एम्स इस क्षेत्र में प्रमुख भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रपति ने एम्स और अन्य चिकित्सा संस्थानों से मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित बीमारियों के उपचार की प्रणाली विकसित करने को कहा। उन्होंने देश में डॉक्टर -रोगी अनुपात और नर्स- रोगी अनुपात की राष्ट्रीय औसत कम होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश में कुशल डॉक्टरों और नर्सो की बडी संख्या में जरूरत है।
राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रों को डिेग्री तथा पदक प्रदान किए। समारोह में बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉक्टर भारती प्रवीन पवार ने भी हिस्सा लिया।
