संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि भारत में निर्धनता में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। भारत में सिर्फ पंद्रह वर्ष में 41 करोड पचास लाख लोग निर्धनता से उबरे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि भारत सहित 25 देशों ने 15 वर्षों में अपने वैश्विक बहुआयामी निर्धनता सूचकांक मान को सफलतापूर्वक आधा किया है। इन देशों में भारत के अलावा कंबोडिया, चीन, कांगो, होंडुरास, इंडोनेशिया, मोरक्को, सर्बिया और वियतनाम सहित 25 देश शामिल हैं।
वैश्विक बहुआयामी निर्धनता सूचकांक का ताजा अद्यतन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और ऑक्सफोर्ड निर्धनता और मानव विकास पहल द्वारा जारी किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में निर्धनता के सभी संकेतकों में गिरावट आई है। निर्धनतम राज्य तेजी से प्रगति कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीने में 142 करोड 86 लाख लोगों की आबादी के साथ भारत चीन को पछाडते हुए विश्व का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन चुका है।
