केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा है कि प्रस्तावित समान नागरिक संहिता का ध्येय संविधान निर्माताओं द्वारा सभी के लिए न्याय उपलब्ध कराना था। अलूवा में आज संवाददाताओं से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य रीति-रिवाजों को समान करना नहीं है। उन्होने कहा कि लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है कि इसके लागू होने से निकाह के माध्यम से शादी नहीं कराई जा सकेगी।
आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि पडोसी राज्य तमिलनाडु के राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में उन्हें बहुत जानकारी नहीं है लेकिन जो लोग समाज में रहते हैं उन्हें किसी प्रकार के संदेह में नहीं पडना चाहिए।
राज्य विधानसभा द्वारा केरल विश्वविदयालय संशोधन विधेयक पारित किये जाने के मुद्दे पर राज्यपाल ने कहा कि इस बारे में वे कानूनी सलाह ले रहे हैं। इस विधेयक में राज्यपाल को विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति पद से हटाने की व्यवस्था है।
