केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि भारत जलवायु परिवर्तन से निपटने के मामले में न केवल घरेलू मोर्चे पर अग्रणी है, बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए), आपदा संबंधी सुदृढ़ अवसंरचना के लिए गठबंधन (सीडीआरआई) और लीडरशिप ग्रुप फॉर इंडस्ट्री ट्रांजिशन (लीडआईटी) जैसे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों की शुरुआत करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उदाहरण स्थापित कर रहा है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन 2023 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए, भूपेंद्र यादव ने केन्द्रीय बजट 2023-24 में हरित विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ जलवायु से संबंधित भारत की विभिन्न पहलों को रेखांकित किया। उन्होंने इस सम्मेलन में ग्रीन क्लाइमेट फंड (जीसीएफ) की टीम की उपस्थिति के लिए उनकी सराहना की और सभी प्रतिभागियों से जीसीएफ के कामकाज के बारे में गहरी समझ विकसित करने और जलवायु से संबंधित ठोस परियोजनाओं को विकसित करने का अनुरोध किया। उन्होंने टिकाऊ जीवन शैली को प्रोत्साहित करने उद्देश्य से जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर युवाओं को सकारात्मक एवं सक्रिय तरीके से शामिल करने के महत्व पर भी जोर दिया।
यह सम्मेलन कॉप-26 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित उन्नत जलवायु कार्रवाई के अनुरूप जलवायु कार्रवाई में तेजी लाने की दिशा में जारी प्रयास का हिस्सा है। इस सम्मेलन की रूपरेखा “लाइफ – पर्यावरण के लिए जीवन शैली” के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करने की दृष्टि से भी तैयार की गई है।
इस सम्मेलन का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों के अधिकारियों को एक मंच पर लाना था ताकि जलवायु से संबंधित चुनौतियों/समस्याओं पर ध्यान केन्द्रित किया जा सके और स्थानीय स्तर पर नवीन उपायों का पता लगाने के साथ-साथ विभिन्न हितधारकों का एक जीवंत नेटवर्क तैयार किया जा सके जो जोखिम संबंधी प्रशासन, प्रौद्योगिकी और नवाचार के साथ-साथ घरेलू व अंतरराष्ट्रीय जलवायु वित्त जैसे विविध विषयों पर एक-दूसरे के साथ सहयोग करना जारी रखें।