अयोध्या में श्रीराम मंदिर जनवरी 2024 में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने कल पहली बार मीडिया को राम मंदिर निर्माण कार्य प्रगति का अवलोकन करने के लिए आमंत्रित किया। हमारे संवाददाता ने बताया कि अयोध्या में भव्य दीपोत्सव समारोह के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली की पूर्व संध्या पर मंदिर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चम्पत राय ने बताया कि श्रीराम मंदिर के गर्भगृह का निर्माण लगभग तीस प्रतिशत पूरा हो चुका है और यह अगले वर्ष दिसम्बर तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद जनवरी 2024 में रामलला के गर्भगृह में विराजमान होने के साथ ही मंदिर को श्रृद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। 2024 के आखिर तक मंदिर का भू-तल और प्रथम तल भी बनकर तैयार हो जाएगा। मंदिर के गर्भगृह में भक्तों को भगवान राम के दर्शन, तीस फिट की दूरी से होंगे। मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार स्थापित किया जाएगा। श्रीराम मंदिर में 12 द्वार होंगे और मुख्य द्वार का नाम सिंह द्वार होगा। जल्द ही मंदिर के परकोटे का निर्माण भी शुरू होगा। मंदिर को बनाने में मजबूत ग्रेनाइट पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो मंदिर को अगले एक हजार वर्षों और उससे भी आगे तक सुरक्षित रखेंगे। श्रीराम मंदिर में करीब चार सौ स्तम्भ होंगे। मंदिर निर्माण में भूकम्परोधी तकनीका का उपयोग किया गया है। श्रीराम मंदिर का निर्माण करीब पौने तीन एकड़ भूमि पर किया जा रहा है और इसके निर्माण पर अनुमानित लागत 18 सौ करोड़ रुपए है।