भारत ने तमिल मुद्दे के राजनीतिक समाधान के लिए श्रीलंका सरकार द्वारा अपने वायदे के मुताबिक कोई ठोस कदम न उठाने पर चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, इंद्र मणि पांडे ने श्रीलंका पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय की ताजा रिपोर्ट पर एक संवाद में भारत का पक्ष रखा। इंद्र मणि पांडे ने कहा कि भारत हमेशा मानवाधिकारों की रक्षा करने का हिमायती रहा है और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के अनुसार सार्थक अन्तर्राष्ट्रीय संवाद और सहयोग के लिए देशों की जिम्मेदारी में विश्वास करता है। भारत ने कहा कि उसका दृष्टिकोण पड़ोसी द्वीप राष्ट्र में शांति और सुलह का रहा है और श्रीलंका के ढांचे के भीतर ही राजनीतिक समाधान निकालने का पक्षधर रहा है।
इंद्र मणि पांडे ने यह भी कहा कि श्रीलंका में बढ़ते कर्ज ने अर्थव्यवस्था के लिए संकट खड़ा कर दिया है और लोगों के जीवन पर इसका प्रभाव पड़ा है।