राष्ट्रमंडल खेलों के अंतिम दिन कल भारत ने चार स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीता। कल रात भव्य रंगारंग समारोह के साथ राष्ट्रमंडल खेल सम्पन्न हो गए।
बर्मिंघम में कल रात भव्य समारोह में राष्ट्रमंडल खेलों का समापन हो गया। 11 दिन तक चले इस आयोजन में 72 देशों के पांच हजार से अधिक खिलाडि़यों ने भाग लिया। समापन समारोह की शुरुआत सोहिल ओशन कलर सीन की रंगारंग संगीतमय प्रस्तुति के साथ हुई। संगीतमय प्रस्तुति के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाले 72 देशों के खिलाडि़यों ने अपने-अपने राष्ट्रीय ध्वज के साथ स्टेडियम का चक्कर लगाया। राष्ट्रीय ध्वज के साथ भारतीय दल का नेतृत्व मुक्केबाज निकहत जरीन और टेबिल टेनिस खिलाडी अचंता शरत कमल ने किया। बैडमिंटन में पीवी सिंधु ने महिला एकल का खिताब अपने नाम किया, जबकि लक्ष्यसेन ने पुरुष एकल में विजय प्राप्त की। पुरुष युगल मुकाबले में चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रनकीरेड्डी ने तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। टेबल टेनिस में अचंता शरत कमल ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि जी. साथियान ने पुरुष एकल का कांस्य पदक जीता। पुरुष हॉकी में भारतीय टीम को रजत पदक मिला। समापन के बाद राष्ट्रमंडल खेल संघ का ध्वज ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत को सौंप दिया गया। विक्टोरिया प्रांत वर्ष 2026 में अगले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा। खेलों में भारत के प्रदर्शन की बात करें तो 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य पदक समेत कुल 61 पदक जीतकर भारत चौथे स्थान पर रहा। भारतीय दल ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया। भारत की पदक तालिका में कुश्ती का सर्वाधिक योगदान रहा। भारतीय पहलवानों ने 6 स्वर्ण सहित 12 पदक जीते, भारोत्तोलन में दस पदक मिले। पुरुष हॉकी टीम ने रजत पदक जीता। खेलों के अंतिम दिन कल भारत ने चार स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीता। 67 स्वर्ण, 57 रजत और 54 कांस्य पदक सहित कुल 178 पदक जीतकर ऑस्ट्रेलिया पदक तालिका में सबसे ऊपर रहा। जबकि, मेजबान इंग्लैंड 175 पदक लेकर दूसरे स्थान पर रहा।