रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायु सेना को एयरोस्पेस फोर्स बनने और देश को भविष्य की चुनौतियों से बचाने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायु सेना को एयरोस्पेस फोर्स बनने और देश को भविष्य की चुनौतियों से बचाने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायु सेना से एयरोस्‍पेस फोर्स बनने का आह्वान किया है। उन्‍होंने कहा कि वायु सेना को भविष्‍य की चुनौतियों से देश की सुरक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए। रक्षा मंत्री ने आज नई दिल्‍ली में 37वें एयर चीफ मार्शल पी सी लाल स्‍मृति व्‍याख्‍यान के लिए सम्‍बोधन में यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि अंतरिक्ष से निर्देशित हमलों से देश की सुरक्षा और अंतरिक्ष में विद्यमान परिसम्‍पतियों की रक्षा के लिए प्रौद्योगिकी अपनाने के साथ विशेषज्ञता और मानव संसाधन प्रबंधन में भी निपुणता होनी चाहिए।

रक्षा मंत्री ने कहा कि सीरिया, इराक और अफगानिस्‍तान तथा हाल में यूक्रेन संघर्ष की‍ स्थिति के अवलोकन से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि भविष्‍य में युद्ध की प्रकृति कैसी होगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार सैन्‍यकर्मियों, विशेष रूप से वायु सेना कर्मियों को भविष्‍य के लिए तैयार करने के उद्देश्‍य से अत्‍याधुनिक प्रौद्योगिकी का विशिष्‍ट प्रशिक्षण उपलब्‍ध करायेगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि विभिन्‍न संरचनाओं के एकीकरण की प्रक्रिया से ही सेना को एकजुट किया जा सकता है। इससे तीनों सेनाओं के बीच संयुक्‍त दृष्टिकोण, प्रशिक्षण, योजना बनाने और अभियान चलाने के माध्‍यम से बेहतर तालमेल बनाया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि सशस्‍त्र बलों के एकीकरण की वर्तमान प्रक्रिया का उद्देश्‍य न केवल संयुक्‍त क्षमता बढ़ाना है बल्कि दक्षता में भी वृद्धि करना है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार देश के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। उन्‍होंने कहा कि भारत क्षेत्र में किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने में अग्रणी बनकर उभरा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता से प्रत्‍येक क्षेत्र के लिए गतिशील औद्योगिक आधार की बुनियाद पड़ेगी।

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