आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों को रेखांकित करने के लिए प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को यह दिवस मनाया जाता है। यह महिलाओं की समानता के लिए प्रयास तेज करने का भी आह्वान करता है। इस वर्ष महिला दिवस की थीम है- हैश टैग ब्रेक द बायस यानी पूर्वाग्रह तोडें।
कहते हैं हर सफल पुरूष के पीछे एक महिला होती है। लेकिन जब एक महिला सफल होती है तो उसमें सबसे बड़ी भूमिका या तो उसके पिता की होती है या भाई की या फिर उसके पति की। हमारे देश में कई ऐसी महिलाएं हैं जिन्होंने कामयाबी की नई इबारत लिखी… कई शायरों ने महिलाओं के महत्व को समझाया। मुनीर नियाज़ी कहते है- शहर का तब्दील होना शाद रहना और उदास रौनके़ं जितनी यहां हैं औरतों के दम से हैं
महिला दिवस के बहाने हम देश-दुनिया की ऐसी महिलाओं को याद करते हैं जिन्होंने वैश्विक पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इस खास दिन को मनाने का मकसद उन महिलाओं की उपलब्धियों, उनके जज्बे, उनकी ऐतिहासिक यात्राओं और उनके जीवन को याद करना हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर समाचार कक्ष से फरहत नाज़।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि महिलाएं जीवन के सभी क्षेत्रों में अनुकरणीय योगदान दे रही हैं। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने तथा उनके सपनों और आकांक्षाओं को गति देने के लिए पुनः प्रतिबद्ध हों।