देश में अब तक किसानों को 23 करोड़ से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड से किसानों को अपने खेतों की मिट्टी के पोषक तत्वों के बारे में जानकारी मिलती है। इसके अलावा, मृदा उपचार के उपाय भी इस कार्ड के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 फरवरी, 2015 को राजस्थान के सूरतगढ़ में इस योजना का शुभारंभ किया था।
मिट्टी का स्वास्थ्य बनाये रखने की दिशा में, पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सात साल पहले, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की शुरूआत की थी। इस योजना का उद्देश्य हर दो साल में, किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करना है ताकि मिट्टी में, पोषक तत्वों की कमी को दूर किया जा सके। उर्वरकों के समुचित इस्तेमाल और मिट्टी के स्वास्थ्य की देखभाल में मदद देकर, इस योजना ने न केवल किसानों की उपज और आय में वृद्धि की है बल्कि उनके जीवन में भी खुशहाली लाई है। देश भर में 11 हजार 500 से अधिक नई मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं को चालू किया गया है। इसके अलावा मृदा विश्लेषण क्षमता भी एक करोड़ 78 लाख से बढ़कर तीन करोड़ 33 लाख नमूने प्रतिवर्ष हो गई है।