शिक्षा मंत्रालय ने सभी विद्यर्थियों और स्कूली शिक्षा में हितधारकों से कहा है कि वे एजुकेशन टैक कंपनियों द्वारा दी जा रही ऑनलाइन कोचिंग का विकल्प चुनते समय सावधानी बरतें। शिक्षा मंत्रालय ने एक परामर्श में कहा है कि कुछ कंपनियों द्वारा किये जाने वाले नि:शुल्क सेवाओं की पेशकश पर सावधानी से आकलन किया जाना चाहिए। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सब्स्क्रिप्शन फीस के भुगतान के लिए स्वचालित डेबिट विकल्प का चुनाव करने से बचें। इसके अलावा उन्हें विषय वस्तु की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम के अनुरूप हो।
Related posts
राधा कृष्णा मंदिर तनौरा नूरपुर का इतिहास और महत्व – विकराल न्यूज़
राधा मंदिर तनौरा नूरपुर आगरा का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो भगवान कृष्ण और राधा...
मीनाक्षी नटराजन की बढ़ती सियासी सक्रियता पर चर्चा तेज, कांग्रेस की रणनीति में क्यों मानी जा रही हैं अहम?
सियासी गलियारों में फिर चर्चा में मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस की वरिष्ठ नेता Meenakshi Natarajan एक बार...
12 करोड़ की ज्वेलरी लेकर फरार हुए पति-पत्नी और साली, 7 किलो सोना-1 किलो चांदी की चोरी का सनसनीखेज खुलासा
करोड़ों की चोरी से मचा हड़कंप एक बड़े चोरी के मामले ने लोगों को हैरान कर...