संसद का शीतकालीन सत्र कल से शुरू होगा और यह 23 दिसम्बर तक चलेगा। सत्र के पहले दिन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए कृषि कानून निरसन विधेयक-2021 लोकसभा में पेश करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
संसद के शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर संसद के दोनों सदनों का सुचारू कामकाज सुनिश्चित करने के लिए नई दिल्ली में सभी पार्टियों के नेताओं के साथ सरकार ने बैठक की। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रक्रिया के नियमों के तहत अनुमति के अनुसार सरकार सदन में चर्चा के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने सभी दलों से सदन के सुचारू संचालन के लिए सहयोग का भी अनुरोध किया।
सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चर्चा सद्भावनापूर्ण रही और सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात हुई। उन्होंने कहा कि सभी दलों ने संसद में और अधिक चर्चा की आवश्यकता जताई। इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार भी स्वस्थ चर्चा चाहती है।
राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडगे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार, समाजवादी पार्टी नेता रामगोपाल यादव, बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा, नेशनल कांफ्रेंस के फारूख अब्दुल्ला, वाई एस आर सी पी सांसद विजय शाही रेड्डी, डी एम के नेता टी आर बालू, टी एम सी के डेरेक ओ ब्रायन, आर पी आई के रामदास अठावले, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के नेता पशुपति कुमार पारस और अपना दल की अनुप्रिया पटेल तथा अन्य नेता बैठक में शामिल हुए।