प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 26वें अंतरराष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन सम्मेलन-कॉप-26 में हिस्सा लेने के लिए ब्रिटेन की दो दिन की यात्रा पर ग्लासगो पहुंच गये हैं। ग्लासगो के एक होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का हार्दिक स्वागत किया।
कॉप-26 का उच्चस्तरीय खंड, विश्व नेताओं का सम्मेलन ब्रिटेन और इटली की सह अध्यक्षता में आज और कल आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में एक सौ बीस से अधिक देशों के राष्ट्रध्यक्ष और शासनाध्यक्ष भाग लेंगे।
ग्लासगो में अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम एक सूरज, एक विश्व, एक ग्रिड के विजन के अंतर्गत ग्लोबल ग्रीन ग्रिड के शुभारंभ से संबंधित है। प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों के साथ प्रगतिशील द्वीप देशों के लिए आधारभूत ढांचा विकास की एक नयी पहल करेंगे।
कॉप-26 के अध्यक्षों द्वारा आयोजित नेताओं के सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, उपशमन, अनुकूलन और स्वच्छ प्रौद्योगिकी नवाचार जैसे विषयों पर ध्यान केन्द्रित किया जायेगा।
प्रधानमंत्री ने 2015 में पेरिस में आयोजित कॉप-21 सम्मेलन में हिस्सा लिया था, जिसमें पेरिस समझौते को अंतिम रूप दिया गया था। यह समझौता इस वर्ष से लागू होने जा रहा है। कॉप-26 में समझौते से संबद्ध देश पेरिस समझौता क्रियान्वयन दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप देने का प्रयास करेंगे। इसमें जलवायु कार्य योजना के लिए धन जुटाने, जलवायु अनुकूलन को बढ़ावा देने, प्रौद्योगिकी विकास और हस्तांतरण तथा धरती के तापमान में वृद्धि को सीमित करने संबंधी पेरिस समझौते के लक्ष्य प्राप्त करने के उपायों पर भी विचार किया जायेगा।
