प्रधानमंत्री मोदी 18वीं आशियान भारत सम्‍मेलन को बृहस्‍पतिवार को संबोधित करेंगे

प्रधानमंत्री मोदी 18वीं आशियान भारत सम्‍मेलन को बृहस्‍पतिवार को संबोधित करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने की 28 तारीख को वर्चुअल रूप से 18वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री को ब्रुनेई के सुल्तान ने निमंत्रण दिया है। शिखर सम्मेलन में आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष भाग लेंगे।

18वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में आसियान और भारत की रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की जाएगी साथ ही कोविड-19 तथा स्वास्थ्य, व्यापार और वाणिज्य, सम्‍पर्क, शिक्षा और संस्कृति सहित प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। महामारी के बाद आर्थिक सुधारों सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

आसियान-भारत शिखर सम्मेलन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, जिससे भारत को आसियान देशों से जुड़ने का अवसर मिलता हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष नवंबर में वर्चुअल रूप से आयोजित किए गए 17वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया था।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि आसियान-भारत रणनीतिक साझेदारी संयुक्‍त रूप से भौगोलिक, ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों की मजबूत नींव है। भारत की एक्ट ईस्ट नीति और भारत-प्रशांत क्षेत्र की व्यापक दृष्टि का केंद्र बिन्‍दु आसियान है। वर्ष 2022 में आसियान-भारत संबंधों के 30 वर्ष पूरे होंगे।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस वर्ष अगस्त में आसियान देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक और पूर्वी एशिया शिखर सम्‍मेलन- ईएएस के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया था। वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने पिछले महीने आसियान देशों के वित्‍त मंत्रियों के साथ परामर्श में भाग लिया था, इसमें सभी देशों ने परस्‍पर आर्थिक सहयोग सुदृढ करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

प्रधानमंत्री इस महीने की 27 तारीख को होने वाले 16वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे। पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन भारत-प्रशांत देशों का मंच है। 2005 में अपनी स्थापना के बाद से, इसने पूर्वी एशिया के रणनीतिक और भू-राजनीतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसमें आसियान के दस सदस्य देशों के अलावा, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस हैं।

भारत, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन का संस्थापक सदस्य है और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन को मजबूत करने तथा समकालीन चुनौतियों से निपटने के लिए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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