विदेश मंत्रालय ने कहा कि काबुल में गुरुद्वारे तोड़ फोड़ की खबरों ने न सिर्फ भारत, बल्कि दुनियाभर की चिंता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने आज शाम नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव दो हजार पांच सौ 93 में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए दबाव जारी रखे।
उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव में अफगानिस्तान के बारे में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामूहिक प्रयासों के लिए दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। यह प्रस्ताव अगस्त में भारत की अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पारित किया गया था। इसमें यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है कि अफगानिस्तान की धरती का उपयोग आतंकी गतिविधियों के लिए न किया जाए। प्रस्ताव में अफगानिस्तान से सभी विदेशी नागरिकों और इच्छुक अफगानियों को सुरक्षित निकालने के लिए बातचीत तथा महिलाओं और अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों के बारे में चर्चा पर भी बल दिया गया है।
भारत और अफगानिस्तान के बीच उड़ान फिर शुरू करने के बारे में अरिंदम बागची ने कहा कि यह जटिल और संवेदनशील विषय है इसलिए इस बारे में कोई फैसला करने से पहले विभिन्न कारकों पर विचार करने की आवश्यकता है।
जम्मू-कश्मीर में हाल के आतंकी हमलों के बारे में प्रश्न पर अरिंदम बागची ने कहा कि भारत ऐसे हमलों की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि भारत सीमा पार आतंकवाद से दुखी है और विभिन्न मंचों पर इस बारे में चर्चा कर रहा है।