अफगानिस्‍तान की 97 प्रतिशत आबादी वर्ष 2022 तक गरीबी की रेखा के नीचे जा सकती है

अफगानिस्‍तान की 97 प्रतिशत आबादी वर्ष 2022 तक गरीबी की रेखा के नीचे जा सकती है

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की एक रिपोर्ट में कहा है कि अफगानिस्‍तान की 97 प्रतिशत आबादी वर्ष 2022 तक गरीबी की रेखा के नीचे जा सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देश का सकल घरेलू उत्‍पाद भी 13 प्रतिशत कम हो सकता है।

संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव कन्नी विग्नाराजा ने कहा कि देश की आधी आबादी को मानवीय सहायता की जरूरत है। इस विश्लेषण से पता चलता है कि अफगानिस्तान आर्थिक मोर्चे पर तेजी से गिरावट की ओर अग्रसर है।

अफगान केंद्रीय बैंक के 10 अरब डॉलर विदेशों में जमा है। इसे पश्चिमी देशों द्वारा तालिबान पर दबाव बनाने का एक महत्वपूर्ण साधन माना जा रहा है। अमरीकी वित्‍त विभाग ने कहा कि वह तालिबान के प्रतिबंधों में ढील नहीं देने जा रहा है।

इस बीच, अफगानिस्तान के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र के विशेष दूत डेबोरा लियोन ने चेतावनी दी है कि विदेशों में स्थित अरबों डॉलर की अफगानिस्‍तान की संपत्तियों के लेन-देन पर रोक लाखों और अफगानों को गरीबी और भूख के कगार पर ले जा सकता है।

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