भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 31(1) के तहत गेल (इंडिया) लिमिटेड (अधिग्रहणकर्ता) द्वारा ओएनजीसी त्रिपुरा पावर कंपनी लिमिटेड (लक्षित कंपनी) के अधिग्रहण को मंजूरी दी है।
प्रस्तावित एकीकरण आईएलएंडएफएस समूह की कंपनियों से अधिग्रहणकर्ता द्वारा लक्षित कंपनी की 26 प्रतिशत इक्विटी शेयर पूंजी के अधिग्रहण से संबंधित है। प्रस्तावित संयोजन प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 5 (ए) के अंतर्गत आता है।
अधिग्रहणकर्ता: अधिग्रहणकर्ता को अगस्त 1984 में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) के तहत एक केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) के रूप में स्थापित किया गया था। अधिग्रहणकर्ता एक सूचीबद्ध सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है जो प्राकृतिक गैस मूल्य श्रृंखला के विविध क्षेत्रों जैसे व्यापार, पारेषण, एलपीजी उत्पादन एवं पारेषण, एलएनजी री-गैसीफिकेशन, पेट्रोकेमिकल्स, सिटी गैस, ईएंडपी आदि में कारोबार करती है। इसके अलाव राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में उसकी कुछ छोटी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं भी हैं।
लक्षित कंपनी: लक्षित कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी), आईएलएंडएफएस समूह और त्रिपुरा सरकार की एक विशेष उद्देश्यीय कंपनी है। इसकी स्थापना 18 सितंबर, 2008 को एक शेयरधारक समझौते (एसएचए) के तहत त्रिपुरा के पलटाना में 726.6 मेगावॉट की कंबाइन्ड साइकल गैस टर्बाइन (सीसीजीटी) ताप बिजली संयंत्र को चालू करने के लिए की गई थी।
लक्षित कंपनी एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी है जिसे भारत के कानून के तहत निगमित किया गया है। यह पूर्वोत्तर भारत के क्षेत्रों में उपरोक्त बिजली संयंत्र से बिजली की आपूर्ति करने के साथ ही बिजली के उत्पादन एवं आपूर्ति का कारोबार करती है। लक्षित कंपनी की नॉर्थ ईस्ट ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है जो बिजली का पारेषण कारोबार करती है।