विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अफगानिस्‍तान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्‍च प्राथमिकता है

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अफगानिस्‍तान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्‍च प्राथमिकता है

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अफगानिस्‍तान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्‍च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत अफगानिस्‍तान के संकट पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्‍होंने कहा कि भारत चाहता है कि अफगानिस्‍तान शांतिपूर्ण, समृद्ध और लोकतांत्रिक देश बना रहे।

अरिंदम बागची ने बताया कि अफगानिस्‍तान में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है और अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि वहां किसकी सरकार बनेगी। अरिंदम बागची ने बताया कि अब तक साढे पांच सौ से ज्‍यादा लोगों को अफगानिस्‍तान से निकाला गया है।

करीब साढे पांच सौ से ज्‍यादा टोटल लोगों को लाया गया है। छह फ्लाइट्स थे इसमें। ये साढे पांच सौ में से करीब दो सौ साठ के ऊपर भारतीय नागरिक हैं। इसके अलावा हमारे एम्बेसी के जो काम करते थे काबुल में उनको भी लाया गया और इसके अलावा अफगान नेशनल जो थे और थर्ड कन्‍ट्री में भी कुछ लोग थे। इवाक्‍वेशन के लिए हम यूनाइटेड स्‍टेट्स से क्‍लोज कोर्डिनेशन में उनके साथ रहा और बाकी देशों में तजाकिस्‍तान के साथ दुशाम्‍बे एयरपोर्ट से हमने यूज किया और कुछ कंट्रीज़ के साथ ओवर फ्लाइट कोडिनेशन करनी पडी। जैसे इरान भी है उज्बेकिस्‍तान से हमे बहुत फायदा हुआ है।

सरकार ने भारत आने वाले अफगानियों के लिए छह महीने के ई-एमरजेंसी वीजा की घोषणा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने एक विशेष अफगान नागरिक को भारत में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देने की घटना को दुर्भाग्‍यपूर्ण बताया।

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