सतत विकास लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूर्वोतर क्षेत्र जिला एस.डी.जी. इंडेक्स रिपोर्ट और डैशबोर्ड 2021-22 के पहले संस्करण को आज नई दिल्ली में जारी किया गया। इसे संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम-यू.एन.डी.पी. के तकनीकी सहयोग से नीति आयोग और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने तैयार किया है। इस रिपोर्ट को नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार, केंद्रीय पूर्वोतर क्षेत्र विकास मंत्री जी. किशन रेड्डी और पूर्वोतर क्षेत्र विकास राज्यमंत्री बी एल वर्मा ने संयुक्त रूप से जारी किया।
इस अवसर पर डॉ राजीव कुमार ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र जिला एसडीजी सूचकांक भारत की एसडीजी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जिसका उद्देश्य सबको साथ रखना है।
जी. किशन रेड्डी ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र जिला एसडीजी सूचकांक साक्ष्य-आधारित योजना, संसाधन आवंटन, वित्तीय और संतुलित क्षेत्रीय विकास के प्रभावी पर्यवेक्षण और निगरानी में योगदान देगा।
बी एल वर्मा ने कहा कि आज पूर्वोतर क्षेत्र को समुचित योजना के साथ कुशल निष्पादन और मजबूत निगरानी की आवश्यकता है।
नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा कि एसडीजी को प्रशासन के बेहतर स्तर पर ले जाना और उनके प्रभाव तथा परिणामों को बेहतर तरीके से मापना महत्वपूर्ण है, जो कि पूर्वोत्तर क्षेत्र जिला एसडीजी इंडेक्स का लक्ष्य है।