हिमाचल प्रदेश में अगले महीने की 12 तारीख को एकल चरण में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान कराया जाएगा। मतगणना 8 दिसंबर को होगी। नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 55 लाख से अधिक मतदाता हैं।
आयोग प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान में वृद्धि के लिए जागरुकता कार्यक्रम शुरू करेगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि महिला सशक्तीकरण को बढावा देने के लिए कुछ मतदान केंद्रों का प्रबंधन महिला कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा।
कुछ पोलिंग स्टेशन ऐसे होंगे, जिसमें जो केवल महिलाओं द्वारा ही मैनेज्ड होंगे। अंग्रेजी….. महिलाओँ के सशक्तिकरण को दर्शाने का चुनाव के इस माध्यम से भी हम लोग एक बहुत सशक्त माध्यम बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि एक्सपिरिऐंस भी एक बहुत अच्छा हो साथ-साथ एक सशक्तिकरण को भी वो प्रदर्शित कर सके।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने मताधिकार का महत्व समझें और मतदान करें। राजीव कुमार ने कहा कि आयोग हिमाचल प्रदेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और प्रलोभन मुक्त मतदान के प्रति वचनबद्ध है।
भारत निर्वाचन आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रलोभन मुक्त इनड्यूसमेंट फ्री तरीके से विधानसभा का आगामी निर्वाचन चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा प्रयास है कि वरिष्ट नागरिकों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और नए मतदाताओं सबकी भागीदारी बहुत ही सशक्त तरीके से आने वाले चुनावों में हो।
गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव के मतदान की तारीख घोषित न किए जाने के बारे में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आयोग ने इस बारे में परम्परा का पालन किया है।
हिमाचल प्रदेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष विधानसभा चुनाव के लिए केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 67 कंपनियां मांगी गई हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि वर्ष 2017 में पिछले विधानसभा चुनाव में 65 कंपनियां तैनात की गई थीं।
भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की घोषणा का स्वागत किया है। जगत प्रकाश नड्डा ने ट्वीट संदेश में कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव है। उन्होंने कहा कि चुनाव राज्य और देश को विकास और सुशासन के पथ पर रखने का एक माध्यम है। उन्होंने मतदाताओं से राज्य की प्रगति और विकास में योगदान देने वाली सरकार चुनने की अपील की।