हिमाचल प्रदेश के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनीष गर्ग ने चुनाव तैयारियों की आज शिमला में एक वर्चुअल बैठक में समीक्षा की जिसमें सभी जिला निर्वाचन अधिकारी यानी सह उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
बैठक में आदर्श चुनाव संहिता का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती और प्रवर्तन कार्रवाई के बारे में विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि अस्सी वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं और दिव्यांगजनों के लिए डाक मतपत्र के मामले में वीडियोग्राफी कराई जानी चाहिए और मतदान दलों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि इस महीने की 30 तारीख तक हर स्थिति में एपिक कार्ड वितरित किए जाने चाहिएं।
जिला निर्वाचन अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करना होगा कि मतदाता सूची में दर्ज सभी मतदाताओं को एपिक कार्ड समय पर वितरित कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को नाजुक और अतिसंवेदनशील इलाकों में स्वयं जाना चाहिए और संवेदनशीलता में कमी लाने के उपाय किए जाने चाहिएं।
मतदान पार्टियों के ठहरने आदि की व्यवस्था के बारे में पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। मतदान दलों का समुचित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से और त्रुटि-रहित पूरी की जा सके।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने राजनीतिक दलों को हर प्रकार की अनुमति जारी करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में सिंगल विंडो सिस्टम के सही प्रबंधन के अलावा नियमित रूप से अंतर-राज्यीय सीमा बैठकों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को अग्नयास्त्रों को जब्त किए जाने से संबंधित कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।