स्कॉर्पीन परियोजना के तहत छठी पनडुब्बी वागशीर का 20 अप्रैल को जलावतरण किया जाएगा। इसे मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने फ्रांसीसी सहयोग से बनाया है। यह स्कॉर्पीन यान कलावरी क्लास डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी है। यह अत्याधुनिक नेविगेशन, ट्रैकिंग सिस्टम से लैस है और कम शोर से दुश्मन को आसानी से गुमराह कर सकती है। इसमें कई तरह के हथियारों को भी शामिल किया गया है।
यह पनडुब्बी भारतीय नौसेना की क्षमता को बढ़ाएगा। यह पनडुब्बी पानी के भीतर या सतह पर टॉरपीडो और एंटी-शिप मिसाइलों को लॉन्च करके हमला कर सकती है। लॉन्च के बाद वागशीर का समुद्री परीक्षण किया जाएगा। स्कॉर्पीन श्रेणी की चार पनडुब्बियों- आईएनएस कलवरी, आईएनएस खंडेरी, आईएनएस करंज और आईएनएस वेला को पहले ही चालू कर दिया गया है, जबकि पांचवीं पनडुब्बी वागीर अभी भी समुद्री परीक्षणों से गुजर रही है। पहली दो पनडुब्बियों – आईएनएस कलवरी और आईएनएस खंडेरी – को 21 सितंबर, 2017 और 19 सितंबर, 2019 को कमीशन किया गया था। आईएनएस करंज और आईएनएस वेला को एक ही वर्ष 2021 में फरवरी और नवंबर में कमीशन किया गया था।