सुप्रीम कोर्ट ने HIV अधिनियम का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए

सुप्रीम कोर्ट ने HIV अधिनियम का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने एचआईवी अधिनियम का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने देश की सभी अदालतों, न्यायधिकरणों और अर्ध-न्यायिक निकायों को एचआईवी अधिनियम की धारा 34(2) के अन्‍तर्गत एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों से संबंधित मामलों के शीघ्र निपटान को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। न्‍यायालय ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के उस फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिये जिसमें, भारतीय वायु सेना के एक पूर्व अधिकारी को मुआवजा देने के दावे को नामंजूर कर दिया गया था। यह पूर्व अधिकारी सैन्‍य अस्‍पताल में रक्‍त चढ़ाये जाने के दौरान एचआईवी से संक्रमित हो गये थे। न्‍यायालय ने उन्‍हें एक करोड़ 50 लाख रुपये का मुआवजा देते हुए ये निर्देश दिए। न्‍यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की पहचान गुमनाम रखने के लिए कदम उठाए जाएं।

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