सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया पर मुख्य न्यायाधीश से जुड़े फर्जी बयान के प्रचार को लेकर आगाह किया है। इसमें मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ के चित्र के साथ प्रशासन के खिलाफ विरोध करने के लिए लोगों को भडकाने वाले फर्जी बयान का प्रचार किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के जनसंपर्क कार्यालय ने बयान जारी कर इस सोशल मीडिया पोस्ट को फर्जी और शरारतपूर्ण करार दिया है। बयान में कहा गया है कि मुख्य न्यायाधीश ने ऐसा कुछ संदेश नहीं लिखा है और न ही उन्होंने यह लिखने के लिए किसी को अधिकृत किया है। इसमें कहा गया है कि इस संबंध में उचित कार्रवाई की जा रही है।
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