सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों के मुफ्त उपहार देने के वायदे वाले मामले को तीन न्‍यायाधीशों की पीठ को सौंपा

सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों के मुफ्त उपहार देने के वायदे वाले मामले को तीन न्‍यायाधीशों की पीठ को सौंपा

उच्‍चतम न्‍यायालय ने जनता को लुभाने के लिए मुफ्त चीजें देने के वायदे के मुद्दे पर चर्चा के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने और सर्वदलीय बैठक बुलाने का आह्वान किया है। पहली बार इस निर्णय की लाइवस्‍ट्रीमिंग की गई। प्रधान न्‍यायाधीश एन वी रमना के कार्यकाल के अंतिम दिन यह व्‍यवस्‍था की गई।

प्रधान न्‍यायाधीश की अदालत से पहली बार लाइवस्‍ट्रीम की गई 20 सुनवाइयों में से एक मुफ्त चीजें देने के वायदों से जुड़ा मुकदमा भी था। एक याचिका में चुनाव के दौरान नि:शुल्‍क चीजें देने के वायदे करने वाले राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द करने की मांग की गई है। प्रधान न्‍यायाधीश एन वी रमना ने कहा कि इस तथ्‍य से इंकार नहीं किया जा सकता कि निर्वाचक लोकतंत्र में सच्‍ची शक्ति निर्वाचकों के पास निहित है। मतदाता ही राजनीतिक दलों और उम्‍मीदवारों के बारे में निर्णय लेते हैं।

प्रधान न्‍यायाधीश ने कहा कि इसी तरह के मामले में 2013 के निर्णय पर पुनर्विचार की याचिका पर तीन न्‍यायाधीशों की पीठ फैसला करेगी। 2013 के निर्णय में कहा गया था कि चुनाव के दौरान नि:शुल्‍क टेलीविजन या लेपटॉप देने की घोषणा भ्रष्‍टाचार नहीं है और यह जनकल्‍याण के लिए राज्‍य के नीति निर्देशक सिद्धांतों से संबंधित है।

Related posts

Leave a Comment