सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद रक्षा मंत्रालय ने बालिकाओं को राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज-आरआईएमसी और राष्ट्रीय सैनिक स्कूलों में प्रवेश देने का प्रस्ताव किया है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामें के अनुसार बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक समर्थन के साथ अतिरिक्त रिक्तियों पर भर्ती की आवश्यकता है। इसे दो चरणों में सम्पन्न करने का प्रस्ताव है।
पहले चरण में आरआईएमसी में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों की अधिकतम संख्या 250 से बढ़ा कर 300 की जाएगी। इसके लिए छह छह महीनों में पांच पांच लड़कियां शामिल की जाएंगी। इसके लिए बुनियादी ढांचे में कुछ परिवर्तन करना होगा और बालिकाओं की सहायता के लिए अतिरिक्त कर्मचारी नियुक्त करने होंगे। बालिकाओं को आरआईएमसी में प्रवेश के लिए अगले साल जून में प्रवेश परीक्षा की अनुमति दी जाएगी। यह पाठ्यक्रम जनवरी 2023 से शुरू होगा।
दूसरे चरण में आरआईएमसी में सीटों की संख्या 300 से बढ़ा कर 350 की जाएगी। तब छह-छह महीने में दस-दस बालिकाओं को शामिल किया जाएगा। इस विस्तार के अंत में आरआईएमसी में 250 लड़के और 100 लड़कियां हो जाएंगी। आरआईएमसी उत्तराखंड के देहरादून में है।
राष्ट्रीय सैनिक स्कूलों में पहले चरण में कक्षा छह में प्रवेश के लिए प्रत्येक स्कूल में कुल रिक्तियों की 10 प्रतिशत बालिकाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह प्रस्ताव शिक्षा सत्र 2022-23 से लागू होगा।
दूसरे चरण में कक्षा छह और कक्षा नौ में कुल रिक्तियों में से दस प्रतिशत बालिकओं के लिए आरक्षित होंगी। यह प्रस्ताव 2023-24 के शिक्षा सत्र से लागू होगा। राष्ट्रीय सैनिक स्कूल हिमाचल प्रदेश के चैल और राजस्थान में अजमेर तथा धौलपुर और कर्नाटक में बेलगाम तथा बेंगलुरू में हैं।
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