विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर ने आज कहा कि आसियान के साथ भारत के ऐतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। भारत और आसियान के कारोबारियों के शिखर सम्मेलन के आरंभिक सत्र में डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि निस्संदेह भारत के वैश्विक आर्थिक सहयोग के लिए आसियान प्रमुख केंद्रों में से एक है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी ने अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी सहयोग के लिए चार क्षेत्रों का ध्यान आकर्षित किया है। ये हैं – लचीली और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला, स्वास्थ्य सुरक्षा, डिजिटल विकास और हरित तथा टिकाऊ समाधान।
डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि कोविड महामारी से वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली में कई विसंगतियों का पता चला है। उन्होंने कहा कि इन्हें दूर करने के लिए सार्थक साझेदारी, उन्नत प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान, वैक्सीन और औषधि निर्माण में सहयोग, क्षमता निर्माण तथा स्वास्थ्य सूचना में पारदर्शिता आवश्यक है।
डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि सभी समाजों के लिए स्वास्थ्य सर्वाधिक गंभीर प्राथमिकता के रूप में उभरा है। कारोबारियों को इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने कोविड महामारी से निपटने के लिए विश्व की पहली डीएनए वैक्सीन विकसित करने में सफलता हासिल की है। वैश्विक सहयोग ने विश्व के लिए प्रमुख वैक्सीन उत्पादन केंद्र के रूप में उभरने में भारत की सहायता की है। उन्होंने कहा कि भारतीय औषध विनिर्माण उद्योग ने चुनौती से निपटने के प्रयास तेज किए हैं और उन दवाओं का उत्पादन बढ़ाया है, जिनकी अधिक मांग है।
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