कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि सरकार सभी के लिए भोजन और पोषण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आज नई दिल्ली में खाद्य और कृषि के लिए वनस्पति आनुवांशिक संसाधनों की अंतर्राष्ट्रीय संधि के शासकीय निकाय के नौवे सत्र को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि इस संधि का मुख्य उद्देश्य फसल विविधिकरण में किसानों और स्थानीय समुदाय को मान्यता देना है। इस अवसर पर उन्होंने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में किसानों के योगदान का भी उल्लेख किया।
कोविड महामारी ने हमें काफी कुछ सबक सिखाए हैं। भोजन की उपलब्धता और पहुंच की स्थिरता सर्वोपरि है। भारत नागरिकों के लिए खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति हमेशा प्रतिबद्ध रहा है और आगे भी रहेगा। जनसंख्या बढ़ रही है। कृषि योग्य भूमि घट रही है। पानी की उपलब्धता भी कम होती जा रही है और इसके कारण जलवायु परिवर्तन, जैविक और अजैविक दबाव से उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में हमें भरपूर फसल उत्पादन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
कृषि मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान जलवायु के अनुकूल फसल की किस्मों को विकसित करने पर जोर दिया।
इस संधि को सभी फसल आनुवांशिक संसाधनों तक पहुंच और विनिमय का समर्थन करना चाहिए। मैं आप से कम उपयोग की जाने वाली संबंधित फसलों के साथ ही समय रहते संरक्षण और उपयोग पर जोर देने का आग्रह करता हूं। जलवायु अनुरूप पोषण सुरक्षा के लिए हमारा संघर्ष आपके निर्णय और कार्यों पर बहुत अधिक निर्भर करता है।
छह दिवसीय इस कार्यक्रम में कई देशों के प्रमुख वैज्ञानिक, विशेषज्ञ तथा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।