संसद ने नौवहन समुद्री सहायता विधेयक 2021 पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज इसे मंजूरी दी। शोरशराबे के बीच संक्षिप्त बहस के बाद विधेयक पारित किया गया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है।
विधेयक भारत में नौवहन के लिये सहयोग के विकास, प्रबंधन और रख-रखाव की रूपरेखा तय करता है। यह पोत परिवहन की सक्षमता और सुरक्षा बढ़ाने के लिये एक उपकरण, प्रणाली या सेवा के रूप में नौवहन सहायता का स्वरूप स्पष्ट करता है।
पोत में जहाज, नौका, नौचालन नौका, मछली पकड़ने की नौका, पनडुब्बी और समुद्री मोबाईल ड्रिलिंग यूनिट शामिल हैं। यह विधेयक नौवहन सहयोग संचालक के लिये प्रशिक्षण और प्रमाणन, इसके ऐतिहासिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक मूल्यों के विकास का भी प्रावधान करता है।
इसका उद्देश्य उन समुद्री संधियों और अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों के तहत दायित्वों का अनुपालन भी सुनिश्चित करना है, जिनमें भारत शामिल है। संक्षिप्त बहस का जवाब देते हुए जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने विधेयक के महत्व का उल्लेख किया।