कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के लंदन भाषण पर हंगामे के बीच राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा की कार्यवाही भी कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज हंगामे के साथ शुरू हुआ और लोकसभा तथा राज्यसभा की कार्यवाही को पहले दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित किया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा भारत में लोकतंत्र के विषय पर, लंदन में की गई टिप्पणी के मुद्दे पर हंगामा होने के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही रोक दी गई। लोकसभा में आज सुबह जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस मुद्दे को उठाया और आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी टिप्पणियों से भारत का अपमान किया है। रक्षामंत्री ने कहा कि सदन के सभी सदस्यों द्वारा राहुल गांधी के बयानों की निंदा की जानी चाहिए और उनसे माफी मांगने के लिए कहा जाना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमरीका और यूरोप से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने को कहा था, जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी ही थी, जिसने देश में आपातकाल लगाया था।
सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच नारेबाजी तथा विरोध के बीच अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि दुनिया, भारतीय लोकतंत्र की मजबूती को स्वीकार करती है। उन्होंने विरोध कर रहे सदस्यों से सदन में व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया लेकिन उनका कथन व्यर्थ गया। बाद में, सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
राज्यसभा में भी आज इसी तरह की स्थिति देखने को मिली। सदन के नेता पीयूष गोयल ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी टिप्पणियों से भारतीय लोकतंत्र, न्यायपालिका, सेना और प्रेस का अपमान किया है। उन्होंने राहुल गांधी से माफी मांगने की भी मांग की। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीयूष गोयल के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि भारत की स्थिति दुनिया जानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत संविधान के अनुसार काम नहीं कर रहा है। सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि उन्होंने कभी किसी सदस्य को बोलने से नहीं रोका। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामा जारी रहने के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले, दोनों सदनों में उन पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिनका हाल ही में निधन हो गया।