संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कथित पेगासस जासूसी, कृषि कानूनो और अन्य मुद्दों पर हंगामें के कारण लगातार पांचवें दिन बाधित हुई। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा की बैठक शुरू होने पर कांग्रेस, डीएमके पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, अकाली दल और अन्य दलों के सदस्य मुद्दों के विरोध में सदन की बीचोंबीच आ गये। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला ने शोर-शराबे के बीच प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया। उन्होंने विरोध कर रहे सदस्यों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने का बार बार आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के हर मुद्दे का जवाब देने के लिए तैयार है। शोर-शराबे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी।
राज्यसभा में भी कुछ इसी तरह की स्थिति रही। पहले स्थगन के बाद 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदलों और आम आदमी पार्टी के सदस्य पेगासस जासूसी मुद्दे पर सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए सदन के बीचोंबीच आ गये। समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और शिवसेना के सदस्य भी अपने मुद्दे उठा रहे थे।
सवेरे सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडु ने कथित पेगासस जासूसी, कृषि कानूनों और अन्य मुद्दों पर दिये गये विपक्षी सदस्यों के स्थगन प्रस्ताव के नोटिस खारिज कर दिये। इसके बाद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदलों और अन्य सदस्य नारे लगाते हुए सदन के बीचोंबीच आ गये। सभापति ने सदन की कार्यवाही बार बार बाधित होने पर अप्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि इसकी वजह से महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। बाद में हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
इससे पहले, दोनों सदनों ने करगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ के अवसर पर युद्ध में अपने जीवन का बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। सभापति ने कहा कि शहीद सैनिकों की वीरगाथा से आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिलती रहेगी। दोनों सदनों में शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया।
दोनों सदनों ने तोक्यो ओलिम्पिक में भारत्तोलन प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने वाली मीराबाई चानू को बधाई दी।