लोकसभा की कार्यवाही विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण पहले बारह बजे फिर दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित की गई। पहले स्थगन के बाद कार्यवाही फिर शुरू होने पर कांग्रेस, डीएमके, तृणमूल कांग्रेस, जनता दल यूनाइटेड और अन्य विपक्षी सदस्य टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के पैसों के बदले प्रश्न से संबंधित मामले में आचार समिति की रिपोर्ट का मुद्दा उठाते हुए सदन से बीचों बीच पहुँच गये।
ये सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे हंगामे के बीच आचार समिति अध्यक्ष विनोद सोनकर ने रिपोर्ट पेश की परंतु शोर शराबा जारी रहने पर पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले आज सवेरे सदन की बैठक शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की। अध्यक्ष ओम बिड़ला ने यह कह कर इसकी अनुमति नहीं दी कि जब सदन में यह मामला आयेगा तब इस पर चर्चा की जा सकेगी। लेकिन विपक्षी सदस्यों के शांत न होने पर सदन की कार्रवाही को स्थगित करना पड़ा।
संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आचार समिति की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई का फैसला करना अध्यक्ष का काम है। कांग्रेस सांसद कार्ती चिदंबरम ने इसके लिए भाजपा की आलोचना की।