श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने श्वेत क्रांति के लिए भारत से सहायता की मांग की है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और अमूल दुग्ध उत्पादन दोगुना करने के लिए श्रीलंका में तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे। रानिल विक्रमसिंघे ने एक समिति का गठन किया है जो स्थानीय स्तर पर दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की लघु, मध्यम और दीर्घकालिक योजना बनाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ मिलकर काम करेगी। भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है।
दुनिया के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक होने के नाते भारत की विश्षज्ञता की काफी मांग है, हालांकि श्रीलंका ने अपने पिछले प्रयासों से दूध उत्पादन 2015 से 2021 के बीच 34 प्रतिशत तक बढाया है पर इससे आत्मनिर्भरता हासिल नहीं कर पाया। इस वजह से 300 मिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के दूध उत्पाद का आयात किया जाता है। इस वर्ष आर्थिक संकट के बीच दूध उत्पाद सहित कई वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया गया है। कल की एनडीडीबी के अधिकारियों से बैठक के साथ श्रीलंका ने दूध उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में एक नया कदम उठाया है।