युगांडा की राजधानी कंपाला में गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने गये विदेश मंत्री सुब्रहमण्यम जयशंकर ने आज फलस्तीन के विदेश मंत्री रियाद अल मलीकी से मुलाकात की। दोनो मंत्रियों ने गजा में जारी मौजूदा संघर्ष पर विस्तृत विचार विमर्श किया। जयशंकर ने दो देशों की नीति पर भारत का समर्थन जताया।
इससे पहले विदेश मंत्री ने श्रीलंका के राष्ट्रपति रनिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की। उन्होंने भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढाने में विक्रमसिंघे के मार्गदर्शन की सरहाना की। विदेश मंत्री ने कहा कि पडोसी प्रथम और सागर जैसी नीतियां पड़ोसी देशों की प्रति भारत की प्रतिबद्धता दर्शाती हैं।
जयशंकर ने युगांडा के विदेशमंत्री जनरल ओडोंगो जेजे से भी मुलाकात की। विदेश मंत्री ने सम्मेलन के शानदार आयोजन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने युगांडा की अध्यक्षता के दौरान गुटनिरपेक्ष आंदोलन को भारत के समर्थन का भी आश्वासन दिया।
विदेशमंत्री कल से नाइजीरिया के तीन दिनों के दौरे पर रहेंगे जहॉ वे छठे भारत नाइजीरिया संयुक्त आयोग की बैठक की सह अध्यक्षता करेंगें। विदेश मंत्री की नाइजीरिया की ये पहली यात्रा है।