विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, देश के सेमीकंडक्‍टर मिशन का उद्देश्‍य घरेलू मांग को पूरा करने के अलावा दूसरे देशों को भी विश्‍वसनीय सेमीकंडक्‍टर उपलब्‍ध कराना है

विदेश मंत्री सुब्रमण्‍यम जयशंकर ने कहा है कि देश के सेमीकंडक्‍टर मिशन का उद्देश्‍य घरेलू मांग को पूरा करने के अलावा दूसरे देशों को भी विश्‍वसनीय सेमीकंडक्‍टर उपलब्‍ध कराना है। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में आयोजित सेमीकॉन इंडिया सम्‍मेलन को आज वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि दुनियाभर में आवश्‍यक और उभरती प्रौद्योगिकी का महत्‍व बढ रहा है और भारत इस क्षेत्र में अपनी भूमिका से वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था में महत्‍वपूर्ण योगदान कर सकता है। उन्‍होंने कहा कि भारत का सेमीकंडक्‍टर मिशन मेक-इन-इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्‍ड का एक बडा उदाहरण है।

डॉ. जयशंकर ने कहा कि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और नवाचार की संस्‍कृति को बढावा देकर भारत एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में उभरा है। उन्‍होंने कहा कि आत्‍मनिर्भर भारत का लक्ष्‍य हासिल करने के लिए सेमीकंडक्‍टर उद्योग को महत्‍वपूर्ण है।

गांधीनगर में चल रहे तीन दिन के सम्‍मेलन में सेमीकंडक्‍टर क्षेत्र की बडी कंपनियां हिस्‍सा ले रही हैं। इनमें माइक्रॉन टेक्‍नॉलोजी, अप्‍लाइड मैटेरियल्‍स, फॉक्‍सकॉन और एएमडी शामिल हैं। सम्‍मेलन का आयोजन इलेक्‍ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने किया है।

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