सरकार ने आज स्पष्ट किया कि कुछ राज्यों के कर हस्तांतरण के मामले में सरकार कुछ नहीं कर सकती है क्योंकि यह पूरी तरह से वित्त आयोग की सिफारिशों पर आधारित है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि इस मामले में केंद्र का न कोई अधिकार है और न ही कोई भूमिका। कुछ राज्यों के साथ होने वाला भेदभाव राजनीति से प्रेरित है। वे प्रश्नकाल में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के आरोपों को लेकर लोकसभा में पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रही थीं। अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक और अन्य गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ कर हस्तांतरण की कटौती में केंद्र सरकार ने अन्याय किया है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि कर हस्तांतरण प्रणाली ठीक तरह से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वित्त आयोग की सिफारिशों में हस्तक्षेप करना गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयोग विभिन्न हितधारकों से विचार-विमर्श करने के बाद अपनी सिफारिशें करता है। उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर-जीएसटी विशेषकर राज्य वस्तु एवं सेवा कर-एसजीएसटी राज्यों को शत-प्रतिशत हस्तांतरित कर दिया जाता है। वहीं एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर – आईजीएसटी का संग्रह इसलिए किया जाता है क्योंकि इसमें अत्यधिक अन्तर्राज्य भुगतान करने होते हैं और समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाती है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर – सीजीएसटी आयोग के परामर्श पर विभाजित किया जाता है। केंद्र का दर निर्धारण के साथ कोई सरोकार नहीं है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, कुछ राज्यों के कर हस्तांतरण के मामले में सरकार कुछ नहीं कर सकती, यह पूरी तरह से वित्त आयोग की सिफारिशों पर आधारित है
