वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, वायुसेना और अन्य सभी बलों के साथ-साथ राज्य बचाव बल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 42 हजार 290 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। नई दिल्ली में आज तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों में बाढ़ की स्थिति के बारे में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि श्रीवैकुडम रेलवे स्टेशन में फंसे 800 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और रेलवे ने इन यात्रियों के लिए विशेष रेलगाड़ियों और बसों का प्रबंध किया है। वायुसेना के पांच, नौसेना का एक और तटरक्षक बल के तीन हैलीकॉप्टर बचाव अभियान में लगाए गए हैं।
वित्त मंत्री ने बताया कि बिना किसी विलम्ब के 19 दिसम्बर को अंतर मंत्रालय केन्द्रीय दल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का त्वरित दौरा किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से राज्य सरकार को 14 दिसम्बर से पहले ही दो किस्तों में 900 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
वित्त मंत्री सीतारमन ने कहा कि क्षेत्रीय मौसम केन्द्र ने 12 दिसम्बर को ही दक्षिणी जिलों में बहुत तेज वर्षा का अनुमान व्यक्त किया था। उन्होंने कहा कि जब भी तमिलनाडु में संकट की स्थिति आई है तब प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी मिलने पर केंद्र सरकार ने त्वरित कार्रवाई की। गृह मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष में चौबिसों घंटे स्थिति पर नजर रखी तथा जरूरत पडने पर तुरंत सहायता पहुंचाई। वित्त मंत्री सीतारामन ने कहा कि तटरक्षक बल ने तटीय जिलों से लगभग 711 लोगों को बचाया है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य राहत कोष के लिए वार्षिक धनराशि आवंटित करता है। इस वित्त वर्ष में पहली अप्रैल को तमिलनाडु के लिए शुरुआती राशि 813 करोड़ पंद्रह लाख रुपए थी। 450 करोड़ रुपए की पहली किस्त दिसंबर से पहले ही जारी कर दी गई थी तथा दूसरी किस्त 12 दिसंबर को जारी की गई। इस तरह राष्ट्रीय आपदा मोचन बल से राज्य राहत कोष को पूरी राशि आवंटित कर दी गयी। वित्त मंत्री सीतारामन ने बताया कि क्षेत्रीय मौसम विभाग ने वर्षा के बारे में पांच दिन पहले चेतावनी दे दी थी तथा वर्षा से जुड़ी स्थिति की नवीनतम जानकारी हर तीन घंटे में उपलब्ध कराई।