वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर – डीपीआई ने वित्तीय समावेशन में क्रांति ला दी है और इसकी विश्व स्तर पर सराहना की गई है। आज नई दिल्ली में एक सेमिनार में उन्होंने कहा कि भारत इस क्रांति में सबसे आगे रहा है। उन्होंने कहा कि डीपीआई जी2पी भुगतान यानी विभिन्न सामाजिक योजनाओं के अंतर्गत जनता को सरकारी भुगतान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये लक्षित, पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित करते हैं और महिलाओं, छात्रों और बुजुर्गों के समावेश को बढ़ावा देते हैं।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि 50 करोड़ से अधिक जन धन बैंक खाते खोले गए और यूपीआई के माध्यम से 10 अरब से अधिक की मासिक लेनदेन हुआ। यह दर्शाता है कि कैसे डीपीआई ने वित्तीय समावेशन के उपयोग और गुणवत्ता को बढ़ाया है।