भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज कहा कि वित्तीय क्षेत्र के लचीलेपन और स्थिरता पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि बैंकों को वित्तीय, परिचालन और संगठनात्मक रूप से लचीला होने की जरूरत है। कॉलेज ऑफ सुपरवाइजर्स द्वारा मुंबई में आयोजित ‘वित्तीय लचीलेपन पर वैश्विक सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि किसी भी देश के वित्तीय क्षेत्र, बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को लचीला और आंतरिक रूप से मजबूत होना चाहिए।
शक्तिकांत दास ने यह भी कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल के वर्षों में बैंकों और अन्य विनियमित संस्थाओं के अपने पर्यवेक्षण और नियमों को काफी सख्त किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली लचीली बनी हुई है। हाल में कुछ उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में देखी गई वित्तीय अस्थिरता का हमारी बैंकिंग प्रणाली पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है।