भारत के रक्षा सचिव डॉ अजय कुमार और रक्षा क्षेत्र में नीति निर्माण हेतु अमेरिका के अवर रक्षा सचिव डॉ कॉलिन कहल ने 8 अक्टूबर 2021 को वाशिंगटन डीसी में भारत-अमेरिका रक्षा नीति समूह (डीपीजी) की 16वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की। डीपीजी द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा और मार्गदर्शन करने के लिए भारत के रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी रक्षा विभाग के बीच शीर्ष आधिकारिक स्तर का तंत्र है।
दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका प्रमुख रक्षा साझेदारी, सैन्य जुड़ाव, मूलभूत रक्षा समझौतों के कार्यान्वयन, रक्षा अभ्यास, प्रौद्योगिकी सहयोग और रक्षा व्यापार को मजबूत करने में प्रगति की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा दृष्टिकोण और सहयोग साझा किया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा हितों को बढ़ावा देने के लिए साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई।
सह-अध्यक्षों को विभिन्न द्विपक्षीय रक्षा पहल और तंत्रों द्वारा की गई प्रगति से अवगत कराया गया। उन्होंने रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार पहल के तहत हवाई-लॉन्च किए गए मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) के सह-विकास के लिए संयुक्त परियोजना का जायजा लिया। दोनों पक्षों ने उच्च स्तरीय रक्षा औद्योगिक सहयोग की सुविधा के लिए भारत में आरंभिक औद्योगिक सुरक्षा समझौते की बैठक आयोजित करने का भी स्वागत किया। वे निजी और सरकारी दोनों हितधारकों को सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए रक्षा उद्योगों में मौजूदा नवाचार इको सिस्टम का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने पर सहमत हुए। दोनों पक्षों ने अंतरिक्ष, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर और मानव रहित हवाई वाहन रोधी प्रौद्योगिकियों जैसे नए डोमेन में सहयोग का स्वागत किया।
दोनों पक्षों ने आगामी 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता की तैयारी की समीक्षा की। पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथियों पर भारत में अगली डीपीजी बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी।