लोकसभा ने विपक्ष के हंगामे के बीच, दिवाला और ऋण शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक 2021 पारित कर दिया है। कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा है कि यह कानून उस दिवाला और ऋण शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2021 का स्थान लेगा, जिसे इस साल चार अप्रैल को लागू किया गया था।
उन्होंने बताया कि यह विधेयक दिवाला और ऋण शोधन अक्षमता संहिता 2016 में संशोधन के लिए लाया गया है। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि लघु उद्यमों की समस्याओं के समाधान के लिए यह संशोधन किया जाना आवश्यक था।
उन्होंने बताया कि इसमे वसूली अवधि पहले की, सवा चार साल से घटाकर डेढ़ वर्ष कर दी गई है। मंत्री के विधेयक पेश करने के दौरान विपक्षी सदस्यों के सदन के बीचों-बीच आकर शोरगुल करने के कारण, विधेयक बिना चर्चा कराए पारित कर दिया गया।