लोकसभा ने आज जनविश्वास प्रावधान संशोधन विधेयक 2023 शोर शराबे के बीच पारित कर दिया है। इस विधेयक में कृषि, पर्यावरण, मीडिया और प्रकाशन सेक्टरों सहित 42 कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव है। इस विधेयक में जीवन यापन और व्यापार करने की सरलता के लिए भरोसेमंद शासन और कुछ विवादों और अपराधों से संबंधित कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। इसमें बहुत से अपराधों के सिलसिले में सजा के तौर पर बंदी बनाये जाने के प्रावधानों को हटाने की भी व्यवस्था है। शिक्षा, जागरूकता और पर्यावरण सुरक्षा के बारे में अनुसंधान के लिए पर्यावरण संरक्षण कोष बनाये जाने का भी प्रस्ताव किया गया है।
विधेयक पर संक्षिप्त चर्चा का जबाव देते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने आम लोगों के जीवन यापन को सरल बनाने के लिए अनेक उपाय किये हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में करीब 15 सौ अप्रचलित कानून वापस ले लिये गये हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को राहत देने के उद्देश्य से 40 हजार अनुपालन प्रावधान या तो सरल बना दिये गये है या फिर हटा दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार देश को खुशहाल बनाने के प्रति कटिबद्ध है। इसका उद्देश्य आगामी वर्षों में देश को तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक व्यवस्था वाला देश बनाने है। इससे पहले सदन में बहस में भाग लेते हुए भारतीय जनता पार्टी के सदस्य राजेंद्र अग्रवाल ने संबंधित प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने लोगों के कल्याण के लिए अनेक प्रयास किये हैं। बहुजन समाज पार्टी के मलूक नागर और वाईएसआर कांग्रेस के डॉक्टर वी. वेंकट सत्यवती ने भी विधेयक पर हुई बहस में भाग लिये।