रूस ने कहा है कि काला सागर अनाज समझौता फिर से अपनाने के लिए वह अपनी मूल मांगों पर अडिग है। रूस का कहना है कि उसकी मांगों के लिए किसी व्याख्या की जरूरत नहीं है तथा उसका रुख स्पष्ट और अटल है। राष्ट्रपति के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस चाहता है कि उसके कृषि बैंक को अंतर्राष्ट्रीय स्विफ्ट बैंक भुगतान प्रणाली से फिर से जोडा जाये न कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्तावित किसी सहायक बैंक को। काला सागर अनाज समझौता की मध्यस्थता तुर्किये और संयुक्त राष्ट्र ने जुलाई 2022 में की थी ताकि युद्ध के बावजूद यूक्रेन, सागर से अनाज का निर्यात कर सके और वैश्विक खाद्य संकट कम करने में मदद मिले। रूस ये भी चाहता है कि उसके खाद्य और उर्वरकों के निर्यात को सुगम बनाया जाये पर रूस के अनुसार इस पर भी कोई सहमति नही हुई है। रूस का यह बयान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्कीये के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोआन के बीच पांच दिन पहले हुई मुलाकात के बाद आया है। इस बैठक में दोनों नेताओं ने अनाज मुद्दे पर चर्चा की।
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