राष्ट्र आज नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस के रूप में मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस अवसर पर आज शाम इंडिया गेट पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करेंगे। बाद में इस होलोग्राम प्रतिमा के स्थान पर नेताजी की भव्य ग्रेनाइट प्रतिमा लगाई जाएगी जिसका निर्माण कार्य पूरा किया जा रहा है। इस प्रतिमा की स्थापना नेताजी की 125वीं जयंती और इस उपलक्ष्य में वर्षभर चलने वाले समारोहों के अंतर्गत की जा रही है। ग्रेनाइट प्रतिमा देश के स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी के महान योगदान के प्रति कृतज्ञ राष्ट्र की श्रद्धाजंलि होगी।
होलोग्राम प्रतिमा 28 फीट ऊंची और 6 फीट चौड़ी है। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री वर्ष 2019, 2020, 2021 और 2022 के लिए सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार प्रदान करेंगे। समारोह के दौरान कुल मिलाकर सात पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत में विभिन्न लोगों और संगठनों के अमूल्य योगदान और निःस्वार्थ सेवा की सराहना और सम्मानित करने के लिए सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार की शुरूआत की है। पुरस्कार में एक संस्थान को 51 लाख रुपये का नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र तथा एक व्यक्ति को पांच लाख रुपये और प्रमाण पत्र दिया जाता है। प्रधानमंत्री स्वतंत्रता सेनानियों को उचित तरीके से सम्मानित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इन प्रयासों के तहत विशेष रूप से ध्यान महान स्वतंत्रता सेनानी और दूरदर्शी नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर रहा है। इस संबंध में कई कदम उठाए गए हैं जिनमें यह घोषणा भी शामिल है कि हर साल उनकी जयंती पारक्रम दिवस के रूप में मनाई जायेगी। इसी भावना से गणतंत्र दिवस समारोह की शुरूआत आज हो रही है।
पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेताजी की जयंती प्रत्येक वर्ष पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
देश ने यह भी तय किया है कि अब हर साल हम नेताजी की जयंती यानी 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रुप में मनाया करेंगे। हमारे नेताजी भारत के पराक्रम की प्रतिमूर्ति भी हैं और प्रेरणा भी है। जब देश आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है तब नेताजी का जीवन, उनका हर कार्य, उनका हर फैसला हम सभी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।