राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने स्वास्थ्य सुविधाओं की रजिस्ट्री (एचएफआर) और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े पेशेवरों की रजिस्ट्री (एचपीआर) में डेटा रिकॉर्ड करने के कार्य में राज्यों और केन्द्र – शासित प्रदेशों के प्रदर्शन के आधार पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के कार्यान्वयन के लिए उन्हें निधि आवंटित करने की घोषणा की है। प्रदर्शन-आधारित निधि का यह आवंटन राज्य/केन्द्र – शासित प्रदेश के स्तर पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के व्यवस्थित कार्यान्वयन में मदद करेगा। इस योजना के तहत सत्यापित प्रविष्टियों के साथ प्रमुख राष्ट्रीय रजिस्ट्रियों को मजबूत किया जा रहा है।
एनएचए द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, पांच वर्षों (वित्तीय वर्ष 2021-22 से लेकर वित्तीय वर्ष 2025-26 तक) की अवधि में राज्य/केन्द्र – शासित प्रदेश स्तर पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के कार्यालयों की स्थापना के लिए 500 करोड़ रुपये का निर्धारण किया गया था। इन निधियों के बीस प्रतिशत हिस्से यानी 100 करोड़ रुपये को प्रोत्साहन-आधारित निधि के रूप में निर्धारित किया गया था। इस विचार को और आगे बढ़ाते हुए, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने संबंधित राज्यों/केन्द्र – शासित प्रदेशों द्वारा एक निर्धारित अवधि के भीतर पंजीकृत और सत्यापित किए जाने वाले संस्थाओं की संख्या (डॉक्टर, नर्स आदि जैसे स्वास्थ्य सेवा से जुड़े पेशेवरों और अस्पताल, क्लीनिक, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र, डायग्नोस्टिक लैब, फार्मेसियों आदि जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं) के संदर्भ में संबंधित राज्यों और केन्द्र – शासित प्रदेशों के प्रदर्शन के आधार पर निधियों का मौजूदा आवंटन प्रदान करने का निर्णय लिया है।
इस कदम के बारे में टिप्पणी करते हुए, एनएचए के सीईओ डॉ. आर.एस. शर्मा ने कहा – “एचपीआर और एचएफआर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के प्रमुख स्तंभ हैं। अधिक संख्या में स्वास्थ्य से सेवा से जुड़े पेशेवरों और स्वास्थ्य सुविधाओं को पंजीकृत करने में राज्यों और केन्द्र – शासित प्रदेशों के उत्साहपूर्ण समर्थन के सहारे हम डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के लाभों को जन-जन तक ले जा सकते हैं। पंजीकरण के दौरान दर्ज किए गए विवरणों के सत्यापन के लिए राज्यों और केन्द्र – शासित प्रदेशों के संबंधित निकाय भी जिम्मेदार हैं। उनका समर्थन स्वास्थ्य सेवा से जुड़े पेशेवरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की राष्ट्रीय स्तर की रजिस्ट्रियां बनाने में मदद करेगा, जोकि स्वास्थ्य सेवाओं की मांग करने वाले लोगों के लिए सही जानकारी का एकमात्र स्रोत होंगे।
स्वास्थ्य सुविधा की रजिस्ट्री (एचएफआर) और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े पेशेवरों की रजिस्ट्री (एचपीआर) की अधिक संख्या आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अपेक्षित उद्देश्यों को प्राप्त करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। राज्यों और केन्द्र – शासित प्रदेशों के लिए प्रदर्शन-आधारित वित्त पोषण की शुरुआत इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। तदनुसार, एनएचए ने निधि आवंटन के मानकों को इस प्रकार परिभाषित किया है:
31 दिसंबर 2022 तक एचएफआर और एचपीआर में प्रत्येक सत्यापित प्रविष्टि के लिए 100 रुपये
1 जनवरी 2023 से लेकर 31 मार्च 2023 के बीच एचएफआर और एचपीआर में प्रत्येक सत्यापित प्रविष्टि के लिए 50 रुपये
31 मार्च 2023 के बाद एचएफआर और एचपीआर में सत्यापित प्रविष्टियों के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की जाएगी
राज्य और केन्द्र – शासित प्रदेश एबीडीएम के लिए पूर्णकालिक या अंशकालिक मानव संसाधनों की तैनाती हेतु इन निधियों का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र होंगे
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